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हिचकी रोकने के उपाय व कारण | Home Remedies for Hiccups in Hindi


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हिचकी रोकने के उपाय व कारण | Home Remedies for Hiccups in Hindi

हिचकी सभी को आती है। यह अचानक ही आना शुरू हो जाती है और अपने आप बंद भी हो जाती है लेकिन बहुत बार यह हमें परेशान कर देती है क्योंकि लगातार हिचकी आने पर चिढ़ आने लग जाती है। पर इससे चिढ़े नहीं बल्कि आगे बताये गए तरीके आजमाएं।

हिचकी क्या है? (What is Hiccup or Hichki?)

हिचकी श्वसन तंत्र विकार की वजह से होती है। बहुत से लोगों के मन में यह सवाल  जरूर आता है की हिचकी क्यों आती है तो यह डायफ्राम मांसपेशियां के संकुचन के कारण आती है। डायफ्राम मांसपेशी सांस लेने और छोड़ने में मदद करती है।

मांसपेशी में संकुचन और दबाव पड़ने पर स्वरयंत्र जिससे की आवाज निकलती है वह बंद होकर हिक की ध्वनि निकलने लगती है। इसे ही हिचकी कहते है।

हिचकी रोग के प्रकार (Types of Hiccup)


हिचकी को ५ भागों में बाँटा गया है इसके प्रकार निम्न है

  • क्षुद्रा हिचकी - यह सिर्फ कुछ ही समय के लिए आती है फिर शांत हो जाती है।
  • महा-गम्भीरा हिचकी - इसमें तेज आवाज के साथ हिचकी आती है।
  • महाहिक्का हिचकी - इसमें जल्दी - जल्दी हिचकी आती है।
  • व्येपता हिचकी - इस प्रकार में हिचकी लगातार नहीं आती बल्कि रुक-रुक कर आती है।
  • अन्नजा हिचकी - हिचकी के साथ ही छीक भी आती है। यह पानी पीने से या अपने आप ही बंद हो जाती है।

हिचकी आने के कारण (Causes of Hiccup)

हिचकी आना एक आम समस्या है। यह महिलाओं पुरुषों और बच्चों को किसी को भी आ सकती है। डायफ्राम में ऐंठन होने पर हिचकी आती है हिचकी आने के कारण में शामिल है।

कार्बोनेटेड ड्रिंक्स पीना

जल्दी - जल्दी खाना या ज्यादा खा लेना

शराब पिने से

चटपटा खाना खाने से

तनाव में होने पर या भावनात्मक रूप से उत्साहित होने पर

ठंडी जगह पर रहने से

धुंआ या धूल मुंह में चले जाने पर

बदहजमी होने पर

मुंह में हवा जाने पर

नींद ना आना

तापमान में परिवर्तन आना

हिचकी रोकने के उपाय (How to Prevent Hiccups)


हिचकी रोकने के लिए कुछ घरेलू उपाय किये जा सकते है जो आपकी मदद करेंगे। जानिये हिचकी कैसे रोके

  • निम्बू - गुनगुने निम्बू पानी में चुटकी भर नमक मिलाएं और पुदीने के पत्ते भी डाल ले। इसे पीने से हिचकी में आराम होगा।
  • हींग और मक्खन - हींग पाउडर और मक्खन एक चौथाई चम्मच मिलाकर खाएं। हिचकी रोकने के उपाय में यह भी बहुत कारगर उपाय हैं।
  • कुटकी और शहद - १ - २ चुटकी भर कुटकी का चूर्ण लें। उसे शहद में मिलाकर खाने से भी हिचकी बंद हो जाती है।
  • मिश्री और आंवला - आंवला, पीपल और सौंठ का चूर्ण मिश्री के साथ मिलाकर खाएं इससे भी हिचकी को रोकने में मदद मिलती है।
  • बड़ी हरड़ और सौंठ - इन दोनों को मिलाकर चूर्ण बना ले और पानी के साथ सेवन करे ऐसा करने से हिचकी बंद हो जाएगी।
  • पिप्पली और मिश्री - पीसी मिश्री में पिप्पली चूर्ण मिलाकर सूंघने से भी हिचकी बंद होती है।

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श्वास और मुद्रा तकनीक से रोके हिचकी (Posture and Breathing Techniques to Stop Hiccups)

सांस लेने या मुद्रा में कुछ बदलाव करके भी इससे राहत पायी जा सकती है

  • सांस रोककर रखें। अब हवा का एक बड़ा घूंट अंदर लें और १० से २० सेकंड तक रोकें, फिर धीरे-धीरे सांस छोड़ें। इसे २ मिनट तक दोहराएं।
  • छाती को सिकोड़ें। आगे झुकें जिससे डायफ्राम पर दबाव आएगा।
  • पेपर बैग में सांस लें। धीरे-धीरे सांस अंदर-बाहर करें। प्लास्टिक बैग का कभी भी इस्तेमाल न करें।
  • घुटनों को गले तक लाये। घुटनों को अपनी छाती के पास लाएं और २ मिनट के लिए वहीं रखें।

हिचकी रोकने के लिए घरेलू उपाय (Home Remedies To Stop Hiccups)

हिचकी रोकने के लिए इन उपायों को भी आप आजमा सकते हैं।

  • गले के पिछले हिस्से को रुई के फाहे से पोछें। ऐसा तब तक करे जब तक कि आपका मुंह एकदम से बंद ना हो जाए या आपको खांसी ना आने लगे।
  • एकदम ठंडा पानी पियें। बर्फ का पानी पीने से भी आराम होता है।
  • अपनी जीभ पर ५ से १० सेकंड के लिए शक्कर के दाने रखे।
  • आपके मन को विचलित करे। आप हिचकी पर ध्यान ही नहीं देंगे तो वह बंद हो जाएगी। दिमाग को किसी और काम में लगाएं।
  • गर्दन के पिछले हिस्से को रगड़ें। जिससे की फ्रेनिक तंत्रिका उत्तेजित हो सकती है।
  • बर्फ के पानी से गरारे करे।
  • एक ग्लास बर्फ के पानी को कपड़े या कागज के टॉवल से ढँके और धीरे धीरे पानी पिएं।

अगर हिचकी दूर ना हुई तो क्या होगा (What to do if Hiccups Don't Stop?)

हिचकी आमतौर पर १ या २ घंटे तक चलती है लेकिन बहुत से मामलों में हिचकी कुछ ज्यादा समय तक चलती है। अगर हिचकी ४८ घंटे से भी ज्यादा समय तक बनी हुई है जिसकी वजह से खाने में, सांस लेने में परेशानी हो रही है तो आपको जल्द ही डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

वयस्कों में लगातार हिचकी का बने रहना तंत्रिका क्षति, जलन की वजह से या चयापचय संबंधी विकारों के कारण होता है।

डॉक्टर से कब सम्पर्क करें? (When to Contact a Doctor?)

वैसे तो हिचकी कुछ ही मिनटों या घंटों में दूर हो जाती  हैं। लेकिन आपको दो दिनों से अधिक समय तक हिचकी बनी हुई है, तो आपको डॉक्टर को बताना चाहिए। ज्यादा समय तक हिचकी का बने रहना इन स्थितियों का संकेत  होता है।

  • स्ट्रोक आना
  • मल्टीपल स्क्लेरोसिस
  • गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स

कुछ मामलों में हिचकी बंद ही नहीं होती। इससे तंत्रिका तंत्र में समस्या उत्तपन्न हो सकती है। २ दिन से ज्यादा हो गए है और आपकी हिचकी बंद ही नहीं हो रही तो डॉक्टर को बताये।

निष्कर्ष :

हिचकी को रोकने के लिए आप इन उपायों को कर सकते है। यह तब समस्या खड़ी कर देती है जब इसे रोकना मुश्किल हो जाता है लेकिन कुछ घरेलू नुस्खे, श्वास और मुद्रा तकनीक से हिचकी को बंद कर सकते है।


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